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हिंदी कार्यपत्रिका (Hindi worksheet)- अनौपचारिक पत्र

हिंदी कार्यपत्रिका (Hindi worksheet)- अनौपचारिक पत्र   

ज़िंदगी और मौत में ज़िंदगी को चुनने वाली कहानी

ज़िंदगी अनमोल है  आज राजीव का दिल चाह रहा था कि इस बेबस-बेचारगी से भरी जिंदगी को खत्म कर दे। कई दिनों से उसके साथ कुछ अच्छा नहीं चल रहा था। ऑफिस में बॉस कुछ दिनों से किसी न किसी बात पर राजीव के ऊपर नाराज़ हो रहे थे। राजीव जानता था कि उसका काम में ध्यान नहीं लग पा रहा है। वो हर काम में पूरा ध्यान लगाने की कोशिश करता लेकिन मानो दिमाग के अंदर बैठा कोई शैतान उसे काम करने ही नहीं देना चाहता था। ऊपर से उसकी प्रेमिका सावी के साथ रोज़ के बढ़ते झगड़ों की वजह से भी वो थोड़ा चिड़चिड़ा हो गया था। वो पहले ऐसे स्वभाव का नहीं था लेकिन पिछले साल जब उसने अपने हाथों से अपनी माँ का अंतिम संस्कार किया तब से राजीव खुद को बहुत अकेला महसूस करने लगा। अपना दुःख किसी को बता नहीं पाता, किसी के सामने आँखें गीली हो जाएँ तो "कुछ चला गया है" कहकर रूमाल के कोने से चुपके से आँखें पोंछ लेता। और इस अकेलेपन में उसे पता ही नहीं चला कि हमेशा खुश रहने वाले राजीव ने कब उसके अंदर दम तोड़ दिया और अब एक निराश, उदास और चिड़चिड़ा राजीव उसके अंदर था जो हर दिन नए संघर्ष कर रहा था। आज ऑफिस से आते समय घर से कुछ किलोमीटर दूर ही कैब से...