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Class IX Sanskrit Shemushi test (कक्षा IX संस्कृत शेमुषी कक्षा परीक्षा)


Class IX Sanskrit Grammar test (कक्षा IX संस्कृत व्याकरण कक्षा परीक्षा)

  • पाठ 1 भारतीवसन्तगीतिः  

  • पाठ 2 स्वर्णकाकः  

  • पाठ 3 गोदोहनम् 

  • पाठ 4 सूक्तिमौक्तिकम् 

  • पाठ 5 भ्रान्तो बालः  

  • पाठ 6 सिकतासेतु: 

  • पाठ 7 जटायो: शौर्यम् 

  • पाठ 8 पर्यावरणम् 

  • पाठ 9 वांगमनःप्राणस्वरूपम् 

दिनांक:______                                                                    पूर्णांक: 25
1- संस्कृत से हिंदी में अनुवाद करें                                                     4 

कन्या अवदत्‌ “अहं निर्धनमातु: दुहिता अस्मिताम्रसोपानेनैव्आगमिष्यामिपरं स्वर्णसोपानेन सा स्वर्ण- भवनम्आरोहतचिरकालं भवने चित्रविचित्रवस्तूनि सज्जितानि दृष्ट्‌वा सा विस्मयं गताश्रान्तां तां विलोक्य काक: अवदत्‌- “पूर्वं लघुप्रातराश: क्रियताम्‌-वद त्वं स्वर्णस्थाल्यां भोजनं करिष्यसि किं वा रजतस्थाल्याम्उत ताम्रस्थाल्याम्‌”? बालिका अवदत्‌- ताम्रस्थाल्याम्‌।  

2- प्रस्तुत गद्यांश किस पाठ से लिया है?                                                1 

3- रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत                                    5x1=5 
(क) मल्लिका सखीभिः सह धर्मयात्रायै गच्छति स्म 
(ख) चन्दनः दुग्धदोहनं कृत्वा एव स्वप्रातराशस्य प्रबन्धम् अकरोत् 
(ग) मोदकानि पूजानिमित्तानि रचितानि आसन् 
(घ) मल्लिका स्वपतिं चतुरतमं मन्यते 
(ङ) नन्दिनी पादाभ्यां ताडयित्वा चन्दनं रक्तरञ्जितं करोति 

 

4- ‘क’ स्तम्भे समस्तपदानि ‘ख’ स्तम्भेतेषां विग्रहः दत्तानि, तानि यथासमक्षं लिखत 4x0.5=2 
“क’ स्तम् — ‘ ख’ स्तम्भ 
(क) दृष्टिपथम (1) पुष्पाणाम उद्यानम् 
(ख) पुस्तकदासा (2) विद्याया व्यसनी 
(ग) विद्याव्यसन (3) दृष्टे पन्थाः 
(घ) पुष्पोद्यानम (4) पुस्तकाना दासा 

5- अधोलिखितयो: श्लोकयो: हिंदीभाषायाम् अर्थं लिखत-                              5x2=10 

(iश्रूयतां धर्मसर्वस्वं श्रुत्वा चैवावधार्यताम्‌। 

   आत्मन: प्रतिकूलानि परेषांसमाचरेत्‌॥ 

(ii) गुणेष्वेव हि कर्तव्य: प्रयत्न: पुरुषै: सदा 

गुणयुक्तो दरिद्रोऽपि नेश्वरैरगुणै: सम:॥ 

6- पदरचनां कुरुत                                                                           3x1=3 
(i) स्थले चरन्ति इति – ………. 
(ii) निशायां चरन्ति इति – ………. 
(iii) व्योम्नि चरन्ति इति – ………. 

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