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Class VIII Hindi Bharat Ki Khoj Chapter 2 Talaash (NCERT)

 कक्षा VIII हिंदी पाठ २ तलाश (भारत की खोज)

पाठ का सारांश 

तलाशपाठ में पं. जवाहरलाल नेहरू जी ने भारत की आत्मा, संस्कृति और उसकी वास्तविक पहचान को खोजने की प्रक्रिया का विश्लेषण प्रस्तुत किया हैयह केवल एक देश की भौगोलिक खोज नहीं है, बल्कि एक ऐसी यात्रा है, जो भारत के जनमानस, उसकी सोच, परंपराओं, संघर्षों और आत्मा को समझने का प्रयास हैनेहरू जी कहते हैं कि वर्षों बीत जाने के बाद भी उनके मन में भारत की छवि सजीव बनी रही, और समय के साथ यह छवि और भी स्पष्ट होती गई 

नेहरू जी ने अपनी यात्राओं, अध्ययन और अनुभवों के माध्यम से भारत को जानने की कोशिश कीउन्होंने देखा कि भारत की पहचान केवल उसके ऐतिहासिक भवनों, मंदिरों, मस्जिदों या पुरातात्विक स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी असली आत्मा उसकी जनता में बसी हैगांवों में रहने वाले किसान, मजदूर, स्त्रियाँ और आम जनमानस की सादगी, सहिष्णुता और संघर्षशीलता ही भारत की असली शक्ति है 

भारत की विविधता में एकता नेहरू जी को सबसे अधिक प्रभावित करती हैवे बताते हैं कि भारत में अनेक धर्म, जातियाँ, भाषाएँ और संस्कृतियाँ होते हुए भी एक अदृश्य सूत्र है, जो सभी को जोड़कर रखता हैभारत की सभ्यता ने समय के साथ अनेक बाहरी प्रभावों को आत्मसात किया है, परंतु उसने अपनी मूल पहचान को कभी नहीं खोयाविदेशी आक्रमणों, राजनीतिक बदलावों और सांस्कृतिक प्रभावों के बावजूद भारत की आत्मा अडिग रही है 

नेहरू जी यह भी मानते हैं कि भारत की परंपराएँ स्थिर नहीं हैं, बल्कि वे समयानुसार परिवर्तित होती रहती हैंभारत की संस्कृति में इतनी गहराई है कि वह बाहरी प्रभावों को भी अपने रंग में ढाल लेती हैभारत में सहिष्णुता, समन्वय और आपसी सहयोग की भावना इतनी मजबूत है कि विविधताएँ ही उसकी सबसे बड़ी विशेषता बन जाती हैं 

उन्होंने अनुभव किया कि भारत को समझना केवल किताबों और इतिहास पढ़ने से संभव नहीं हैइसके लिए भारत की धरती पर चलना, उसकी धूल, उसकी नदियों और उसके गाँवों को महसूस करना आवश्यक हैजनता के संघर्षों, उनकी समस्याओं और उनके जीवन से जुड़कर ही भारत की असली तस्वीर सामने आती है 

इस पाठ में नेहरू जी ने यह स्पष्ट किया है कि भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं है, बल्कि यह एक जीवन्त और गतिशील संस्कृति है, जो अपने भीतर सहिष्णुता, विविधता, संघर्ष और निरंतर विकास की भावना को संजोए हुए है। 'तलाश' केवल भौगोलिक खोज नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और सांस्कृतिक चेतना की खोज है, जो नेहरू जी के दृष्टिकोण से हमें भारत को समझने की सही दिशा प्रदान करती है 

प्रश्न उत्तर  

प्रश्न 1: नेहरू जी ने भारत की तलाश क्यों शुरू की? 

उत्तर 1: नेहरू जी भारत की आत्मा, संस्कृति और असली पहचान को समझना चाहते थेउन्होंने महसूस किया कि भारत केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि एक जीवंत और विविधताओं से भरी सभ्यता है 

प्रश्न 2: नेहरू जी के अनुसार भारत की असली शक्ति क्या है? 

उत्तर 2: नेहरू जी के अनुसार भारत की असली शक्ति उसकी जनता, विशेषकर गाँवों में हने ाले िसानों, जदूरों ाधारण ोगों ादगी, हिष्णुता ंघर्षशीलता ें  

प्रश्न 3: नेहरू जी ने भारत की खोज किस प्रकार की? 

उत्तर 3: नेहरू जी ने यात्राएँ कर, ऐतिहासिक स्थलों, लोककथाओं और जनता के जीवन का अध्ययन कर भारत की खोज कीउन्होंने भारत को जमीन से जुड़कर समझने का प्रयास किया 

प्रश्न 4: पाठ मेंतलाशशब्द का क्या अर्थ है? 

उत्तर 4:तलाशका अर्थ भारत की आत्मा, उसकी संस्कृति, परंपराओं और जनता के जीवन में उसकी वास्तविक पहचान को खोजने की प्रक्रिया से है 

प्रश्न 5: भारत की विविधता में एकता को नेहरू जी ने किस प्रकार समझाया? 

उत्तर 5: नेहरू जी ने बताया कि विभिन्न धर्म, जातियाँ और भाषाएँ होते हुए भी भारत में सहिष्णुता और समन्वय की भावना इतनी प्रबल है कि सभी विविधताएँ एक सूत्र में बंधी रहती हैं 

प्रश्न 6: नेहरू जी ने गाँवों के जीवन में क्या विशेषता देखी? 

उत्तर 6: उन्होंने गाँवों में रहने वाले लोगों की सादगी, आत्मनिर्भरता और कठिनाइयों में भी आगे बढ़ने की भावना को भारत की आत्मा बताया 

प्रश्न 7: नेहरू जी के अनुसार भारत की परंपराएँ कैसी हैं? 

उत्तर 7: भारत की परंपराएँ स्थिर नहीं हैं; वे समयानुसार बदलती रहती हैं और बाहरी प्रभावों को आत्मसात कर अपनी पहचान बनाए रखती हैं 

प्रश्न 8: नेहरू जी ने भारत की आत्मा कहाँ बसती बताई है? 

उत्तर 8: नेहरू जी ने भारत की आत्मा गाँवों, किसानों, मजदूरों और आम जनता के जीवन में बताई है, जो सच्चे अर्थों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं 

प्रश्न 9: भारत की सांस्कृतिक सहिष्णुता पर नेहरू जी ने क्या कहा? 

उत्तर 9: नेहरू जी ने कहा कि भारत की संस्कृति में सहिष्णुता इतनी गहराई तक समाई है कि वह हर बाहरी प्रभाव को अपने में समाहित कर उसे भारतीय रंग में रंग देती है 

प्रश्न 10: नेहरू जी ने भारतीय सभ्यता को किस रूप में देखा? 

उत्तर 10: उन्होंने भारतीय सभ्यता को सतत विकासशील और परिवर्तनशील रूप में देखा, जिसमें विविधता में एकता, समन्वय और आत्मा की निरंतरता है 

प्रश्न 11: नेहरू जी के अनुसार भारत की असली तस्वीर कहाँ दिखाई देती है? 

उत्तर 11: भारत की असली तस्वीर उसकी जनता के संघर्षों, भावनाओं और जीवनशैली में दिखाई देती है, न कि केवल इमारतों या ऐतिहासिक स्थलों में 

प्रश्न 12: नेहरू जी ने भारत की संस्कृति में किस प्रकार का संतुलन देखा? 

उत्तर 12: उन्होंने देखा कि भारत की संस्कृति में परंपरा और नवाचार दोनों का संतुलन है, जिससे यह सतत गतिशील और जीवंत बनी रहती है 

प्रश्न 13: नेहरू जी ने युवाओं को क्या संदेश दिया? 

उत्तर 13: उन्होंने युवाओं से भारत की सांस्कृतिक विरासत को समझने, उसकी एकता को सहेजने और सामाजिक सुधार के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया 

प्रश्न 14: पाठ में भारत कीतलाशका मूल उद्देश्य क्या है? 

उत्तर 14: भारत कीतलाशका उद्देश्य उसकी आत्मा, उसकी विविधताओं में छिपी एकता और जनता के जीवन में छिपे संघर्ष और गौरव को समझना है 

प्रश्न 15: नेहरू जी ने भारतीय संस्कृति की किस विशेषता को सबसे अधिक महत्व दिया? 

उत्तर 15: नेहरू जी ने भारतीय संस्कृति की सहिष्णुता, समन्वय और विविधता में एकता की भावना को सबसे अधिक महत्व दिया, जो भारत को विशेष बनाती है 

 

 

 

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