कहने में आसान और सुनने में थोड़ा मुश्किल और विचार करने पर समझ में न आने वाली बात लगती है कि- "आपकी ख़ुशी आपके हाथ"
लेकिन ये सच है। सोचिए यदि आप एक ऐसी सभा में बैठे हैं जहाँ सभी लोग एक ऐसी भाषा में बात कर रहे हैं जो भाषा आपको समझ में नहीं आती और वास्तविकता में वे आपकी बुराई कर रहे हैं। तो क्या आप निराश हो जाएँगे? वहाँ से कहीं दूर चले जाएँगे? या खुद परेशान हो जाएँगे?
नहीं। आप इनमें से कुछ भी नहीं करेंगे। क्योंकि आपको उनकी बात समझ नहीं आई जिस वजह से आपके दिल को बुरा नहीं लगा और आप परेशान नहीं हुए। ऐसे न जाने कितने उदाहरण हैं जहाँ हम खुद को बेफ़िज़ूल परेशान कर लेते हैं।
ऐसे ही कई जगह पर आपकी ख़ुशी छिपी होती है किसी से किसी बात की कोई उम्मीद न करने में। मान लीजिए आपका जन्मदिन है और आपको कोई उम्मीद नहीं कि किसी को आपका जन्मदिन याद है। आप शाम को घर आते हैं और आपके घर वाले या आपके कुछ दोस्त आपको बधाई देते हैं और कुछ उपहार भी देते हैं। आपको प्रसन्नता की अनुभूति होगी। और यदि कोई आपको बधाई नहीं भी देता, कोई उपहार नहीं भी देता तो भी कम से कम आप निराश नहीं होंगे क्योंकि आपने पहले से इस बात की उम्मीद की हुई है कि किसी को आपका जन्मदिन याद ही नहीं।
सही मायने में खुश रहने का एक तरीक़ा ये भी है कि आप निराश न हों। परेशान न हों। आप समान्य रहें।
कई साल पहले एक बॉलीवुड में एक फ़िल्म आई थी जिसमें एक बहुत गहरा संदेश छिपा हुआ था- "All is well" आप यदि खुद को और अपने दिल को ये समझा कर रखेंगे कि सब ठीक है और आप खुश हैं तो यक़ीन मानिए आप बहुत हद तक चिंताओं से, परेशानियों से स्वयं को मुक्त पाएँगे।
कई बार हम बस इसलिए पूरी तरह से खुश नहीं हो पाते कि हमें जिस चीज़ में या जिस काम में ख़ुशी मिलती है वो करेंगे तो चार लोग क्या कहेंगे?
यक़ीन मानिए कोई कुछ नहीं कहेगा और यदि कोई कुछ कहता भी है तो वो अपने जीवन की निराशाओं, चिंताओं, परेशानियों के कारण कुछ भले ही कह दे लेकिन यादि आप उसकी बात सुनकर रुके नहीं तो वो आपसे आगे प्रभावित ही होगा। तो देखिए आपके खुश रहने से, अपने मन का कार्य करने से न सिर्फ आप खुश हुए बल्कि आपसे प्रेरित हो कर कोई और भी खुश हो पाएगा और ये सिलसिला आगे यूँ ही चलता रहेगा।
यदि हमारी किसी बात से, किसी कार्य से किसी को वास्तविक रूप से कोई नुक़सान नहीं पहुँचता है तो भी खुश न रहना एक बहुत ही ग़लत बात है। खुद के साथ एक अन्याय है।
खुश रहना भी हमारी एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है जिसे हमें पूरी सजगता के साथ पूरा करना चाहिए।
लेकिन ये सच है। सोचिए यदि आप एक ऐसी सभा में बैठे हैं जहाँ सभी लोग एक ऐसी भाषा में बात कर रहे हैं जो भाषा आपको समझ में नहीं आती और वास्तविकता में वे आपकी बुराई कर रहे हैं। तो क्या आप निराश हो जाएँगे? वहाँ से कहीं दूर चले जाएँगे? या खुद परेशान हो जाएँगे?
नहीं। आप इनमें से कुछ भी नहीं करेंगे। क्योंकि आपको उनकी बात समझ नहीं आई जिस वजह से आपके दिल को बुरा नहीं लगा और आप परेशान नहीं हुए। ऐसे न जाने कितने उदाहरण हैं जहाँ हम खुद को बेफ़िज़ूल परेशान कर लेते हैं।
ऐसे ही कई जगह पर आपकी ख़ुशी छिपी होती है किसी से किसी बात की कोई उम्मीद न करने में। मान लीजिए आपका जन्मदिन है और आपको कोई उम्मीद नहीं कि किसी को आपका जन्मदिन याद है। आप शाम को घर आते हैं और आपके घर वाले या आपके कुछ दोस्त आपको बधाई देते हैं और कुछ उपहार भी देते हैं। आपको प्रसन्नता की अनुभूति होगी। और यदि कोई आपको बधाई नहीं भी देता, कोई उपहार नहीं भी देता तो भी कम से कम आप निराश नहीं होंगे क्योंकि आपने पहले से इस बात की उम्मीद की हुई है कि किसी को आपका जन्मदिन याद ही नहीं।
सही मायने में खुश रहने का एक तरीक़ा ये भी है कि आप निराश न हों। परेशान न हों। आप समान्य रहें।
कई साल पहले एक बॉलीवुड में एक फ़िल्म आई थी जिसमें एक बहुत गहरा संदेश छिपा हुआ था- "All is well" आप यदि खुद को और अपने दिल को ये समझा कर रखेंगे कि सब ठीक है और आप खुश हैं तो यक़ीन मानिए आप बहुत हद तक चिंताओं से, परेशानियों से स्वयं को मुक्त पाएँगे।
कई बार हम बस इसलिए पूरी तरह से खुश नहीं हो पाते कि हमें जिस चीज़ में या जिस काम में ख़ुशी मिलती है वो करेंगे तो चार लोग क्या कहेंगे?
यक़ीन मानिए कोई कुछ नहीं कहेगा और यदि कोई कुछ कहता भी है तो वो अपने जीवन की निराशाओं, चिंताओं, परेशानियों के कारण कुछ भले ही कह दे लेकिन यादि आप उसकी बात सुनकर रुके नहीं तो वो आपसे आगे प्रभावित ही होगा। तो देखिए आपके खुश रहने से, अपने मन का कार्य करने से न सिर्फ आप खुश हुए बल्कि आपसे प्रेरित हो कर कोई और भी खुश हो पाएगा और ये सिलसिला आगे यूँ ही चलता रहेगा।
यदि हमारी किसी बात से, किसी कार्य से किसी को वास्तविक रूप से कोई नुक़सान नहीं पहुँचता है तो भी खुश न रहना एक बहुत ही ग़लत बात है। खुद के साथ एक अन्याय है।
खुश रहना भी हमारी एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है जिसे हमें पूरी सजगता के साथ पूरा करना चाहिए।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
आपका बहुत-बहुत धन्यवाद....🙏🏻🙏🏻🙏🏻