सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Class 10 Hindi vaachy (वाच्य)

वाच्य-

क्रिया के जिस रूप से यह ज्ञात हो कि वाक्य में क्रिया द्वारा बताए गए विषय में कर्ता, कर्म, अथवा भाव में से कौन प्रमुख है, उसे वाच्य कहते हैं।

दूसरे शब्दों में – वाच्य क्रिया का वह रूप है, जिससे यह ज्ञात होता है कि वाक्य में कर्ता प्रधान है, कर्म प्रधान है अथवा भाव प्रधान है। क्रिया के लिंग एवं वचन उसी के अनुरूप होते हैं।
इस परिभाषा के अनुसार वाक्य में क्रिया के लिंग, वचन या तो कर्ता के अनुसार होंगे अथवा कर्म के अनुसार अथवा भाव के अनुसार।


वाच्य, क्रिया के उस रूपान्तरण को कहते हैं जिससे यह ज्ञात होता है कि वाक्य में क्रिया कर्ता के साथ है, कर्म के साथ अथवा इन दोनों में से किसी के भी साथ न होकर केवल क्रिया के कार्य व्यापार (भाव) की प्रधानता है।

जैसे –

राधा पत्र लिखती है।

राधा द्वारा पत्र लिखा जाता है।

तुमसे लिखा नहीं जाता। 


वाच्य के भेद–

  1. कर्तृवाच्य 
  2. कर्मवाच्य 
  3. भाववाच्य

कर्तृवाच्य-

जब वाक्य की क्रिया के लिंग, वचन और पुरुष- कर्ता के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार हों, तो कर्तृवाच्य कहलाया जाता है।
सरल शब्दों में– क्रिया के जिस रूप में कर्ता प्रधान हो, उसे कर्तृवाच्य कहते हैं। इसमें लिंग एवं वचन प्रायः कर्ता के अनुसार होते हैं।

उदाहरण–
रमेश केला खाता है।
दिनेश पुस्तक पढ़ता है।
इन दोनों वाक्यों में कर्ता प्रधान है तथा उसी के लिए ‘खाता है’ तथा ‘पढ़ता है’ क्रियाओं का प्रयोग हुआ है, इसलिए यहाँ कर्तृवाच्य है।

कर्मवाच्य- 

जब वाक्य की क्रिया के लिंग, वचन और पुरुष- कर्म के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार हो, तो कर्मवाच्य कहलाता है अथवा क्रिया के उस रूपान्तर को कर्मवाच्य कहते हैं जिससे यह ज्ञात हो कि वाक्य में कर्ता की प्रमुखता न होकर कर्म की प्रमुखता है।


सरल शब्दों में– क्रिया के जिस रूप में कर्म प्रधान हो, उसे कर्मवाच्य कहते हैं या जहाँ क्रिया का संबंध सीधा कर्म से हो तथा क्रिया का लिंग तथा वचन कर्म के अनुसार हो, उसे कर्मवाच्य कहते हैं।

उदाहरण –
मीरा ने दूध पीया।

मीरा ने पत्र लिखा।

मीरा ने किताब पढ़ी।

 

– पहले वाक्य में ‘मीरा’ (कर्ता) स्त्रीलिंग है परन्तु ‘पीया’ क्रिया का एकवचन, ‘पुल्लिंग’ रूप ‘दूध’(कर्म) के अनुसार आया है।
– दूसरे वाक्य में भी ‘मीरा’ (कर्ता) स्त्रीलिंग है परन्तु ‘लिखा’ क्रिया का एकवचन, ‘पुल्लिंग’रूप ‘पत्र’(कर्म) के अनुसार आया है।

– दूसरे वाक्य में भी ‘मीरा’ (कर्ता) स्त्रीलिंग है परन्तु 'पढ़ी' क्रिया का एकवचन, 'स्त्रीलिंग' रूप 'किताब' के अनुसार रखा गया है। 

भाववाच्य-

जब वाक्य की क्रिया के लिंग, वचन और पुरुष कर्ता अथवा कर्म के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार न होकर एकवचन, पुल्लिंग तथा अन्य पुरुष हो, तो भाववाच्य कहलाता है।
दूसरे शब्दों में– क्रिया के जिस रूप में न तो कर्ता की प्रधानता हो, न कर्म की, बल्कि क्रिया का भाव ही प्रधान हो, वहाँ भाववाच्य होता है। इसमें मुख्यतः अकर्मक क्रिया का ही प्रयोग होता है और साथ ही प्रायः निषेधार्थक वाक्य ही भाववाच्य में प्रयुक्त होते हैं। इसमें क्रिया सदैव पुल्लिंग, अन्य पुरुष के एक वचन की होती है।

उदाहरण–
मोहन से टहला भी नहीं जाता।
मुझसे उठा नहीं जाता।
धूप में चला नहीं जाता।
उक्त वाक्यों में कर्ता या कर्म प्रधान न होकर भाव मुख्य हैं, अतः इनकी क्रियाएँ भाववाच्य का उदाहरण हैं।

ध्यान रखने योग्य कुछ बातें हैं–
1. भाववाच्य का प्रयोग प्रायः विवशता, असमर्थता व्यक्त करने के लिए होता है।
2. भाववाच्य में प्रायः अकर्मक क्रिया होता है।
3. भाववाच्य में क्रिया सदैव अन्य पुरुष, पुल्लिंग और एकवचन में होती है।


कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य में परिवर्तित कुछ उदाहरण

कर्तृवाच्य

कर्मवाच्य

1चित्रकार चित्र बनाता है।चित्रकार द्वारा चित्र बनाया जाता है।
2राधा नृत्य करती है।राधा द्वारा नृत्य किया जाता है।
3पुलिस ने अपराधी को पकड़ा।पुलिस द्वारा अपराधी को पकड़ा गया।
4यह दूकान पिता जी ने बनवाई थी।यह दूकान पिता जी के द्वारा बनवाई गई थी।
5निशा ने अच्छी कविता लिखी है।निशा द्वारा अच्छी कविता लिखी गई।

  CBSE Class 10 Hindi A व्याकरण वाच्य 6

१- कर्तृवाच्य-   मैं प्रतिदिन पुस्तक पढ़ता हूँ। 
   कर्मवाच्य- मेरे द्वारा प्रतिदिन पुस्तक पढ़ी जाती है। 
२-  कर्तृवाच्य-  कल बीमार थी अतः आज वह विद्यालय नहीं आएगी। 
   भाववाच्य- कल बीमार थी अतः आज उससे विद्यालय नहीं आया जाएगा।  
३-  कर्तृवाच्य-   
   भाववाच्य- 
४- कर्तृवाच्य-   
   भाववाच्य- 
५- कर्तृवाच्य-   
   भाववाच्य- 
६-  कर्तृवाच्य-   
   भाववाच्य- 
७-  कर्तृवाच्य-   
   भाववाच्य- 
८-  कर्तृवाच्य-   
   भाववाच्य- 
९-  कर्तृवाच्य-   
   भाववाच्य- 
१०-  कर्तृवाच्य-   


कर्तृवाच्य से भाववाच्य में परिवर्तित कुछ उदाहरण

यहाँ कर्तृवाच्य वाक्यों को भाववाच्य में परिवर्तित करने के कुछ उदाहरण दिए गए हैं:

अब विद्यार्थी स्वयं कुछ उदाहरण बनाएँ तथा विषय को और अच्छे से समझें। 
१- कर्तृवाच्य-   मैं प्रतिदिन वहाँ जाता हूँ। 
   भाववाच्य- मेरे द्वारा प्रतिदिन वहाँ जाया जाता है। 
२-  कर्तृवाच्य-  कल वह गिर गई अब अब वह चल नहीं पा रही। 
   भाववाच्य- कल वह गिर गई अब उससे चला नहीं जा रहा। 
३-  कर्तृवाच्य-   (ऐसे ही आगे भी)
   भाववाच्य-  

 कर्मवाच्य से कर्तृवाच्य में बदलना



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

गणतंत्र दिवस कविता

देश के प्रत्येक नागरिक को गणतंत्र दिवस की बधाई। गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में मैं प्रस्तुत कर रही हूँ एक कविता-  जल रही थी चिंगारी जाने कितने बरसों से  कर रहे थे यत्न वीर जाने कितने अरसों से  आँखें क्रुद्ध, भीषण युद्ध, ब्रिटिश विरुद्ध जाने कितनी बार हुए.... माताओं की गोदी सूनी कर  जाने कितने बेटे संहार हुए  वीरों के बलिदानों से माँ भारती  बेड़ियाँ मुक्त हुई  फिर केसरिया-सफ़ेद-हरा लहरा  माँ भारती तिरंगा युक्त हुई  स्वतंत्र हुई, स्वराज्य मिला किंतु  स्वशासन अभी अधूरा था  जिसे 2 वर्ष, 11 माह 18 दिन में  अम्बेडकर जी ने किया पूरा था  फिर संविधान लागू कर लोकतंत्र का 'गुंजन' हुआ  आज इसी दिन गणराज्य बना आज ही गणतंत्र हुआ आज इसी दिन गणराज्य बना आज ही गणतंत्र हुआ    सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ तथा सभी वीरों/ शहीदों को श्रद्धांजलि अन्य कविताएँ IG- poetry_by_heartt twitter

कक्षा VI हिंदी पाठ योजना (पाठ 1 वह चिड़िया जो)

 कक्षा VI हिंदी पाठ योजना (पाठ 1 वह चिड़िया जो)

भाईचारा। कविता।

भाईचारा  ऐसा सुंदर, ऐसा प्यारा देश हमारा हो  मिल जुल रहते हों सब, आपस में भाईचारा हो  अलग होते हुए भी सबमें  एकता की भावना समाई हो  जब नन्हे नंदू के घर दिवाली आए  तो भोले हामिद के घर भी मिठाई हो  मंदिर-मस्जिद-गिरजाघर-गुरुद्वारों ने  हमारा हर दिन, हर सवेरा सँवारा हो  मिल जुल रहते हों सब, आपस में भाईचारा हो  अगर कभी विद्यालय में छोटा चंदन  खाना लाना भूल जाता हो  अच्छी सुगंध, मीठे पकवानों वाला  दोस्तों का टिफ़िन पाता हो  हर छोटी-बड़ी चुनौतियों में  सुझाव कभी मेरा, कभी तुम्हारा हो  मिल जुल रहते हों सब, आपस में भाईचारा हो  बाज़ार से आते-आते कभी पापा  भारी झोला-टोकरी लाते हों  उनकी मदद करने को वहाँ  सब प्यारे बच्चे चले आते हों  रास्ते में देख प्यासा किसी को  पानी पिला खुशियों का खुलता पिटारा हो  मिल जुल रहते हों सब, आपस में भाईचारा हो  Instagram:gunjanrajput youtube:gunjanrajput pratilipi:gunjanrajput twitter:gunjanrajput

पत्र- औपचारिक तथा अनौपचारिक

औपचारिक पत्र  1. बुखार के कारण विद्यालय से 4 दिन के अवकाश के लिए अवकाश पत्र।  सेवा में  प्रधानाचार्या जी वेंकटेश्वर सिग्नेचर स्कूल रायपुर  छत्तीसगढ़  493441 25-08-2022 विषय- चार दिन के अवकाश हेतु।  आदरणीया महोदया, मेरा नाम नेहा शर्मा है। मैं कक्षा 3 में पढ़ती हूँ। मुझे कुछ दिनों से बुखार है। डॉक्टर ने मुझे आराम करने की सलाह दी है। जिसके लिए मुझे विद्यालय से अवकाश की आवश्यकता है।  मैं आपको आश्वासन देती हूँ कि मैं अवकाश के बाद शीघ्र ही अपना कार्य पूरा कर लूँगी।अतः मुझे 26 अगस्त 2022 से 29 अगस्त 2022 (चार दिन) का अवकाश देने की कृपा करें। आपकी अति कृपा होगी।  सधन्यवाद  आपकी छात्रा  नेहा शर्मा  कक्षा 3 अनौपचारिक पत्र  अपने भाई की शादी में बुलाने के लिए अपने मित्र को निमंत्रण पत्र  44/808 कमल विहार  नई दिल्ली  प्रिय मित्र,               कैसे हो? तथा घर में सब कैसे हैं? मैं सपरिवार कुशल से हूँ और आशा करता हूँ कि तुम भी सपरिवार सकुशल होंगे। मित्र अगले महीने की 25 तारीख को भैया...

हम आगे बढ़ते जाते हैं

पिछली कक्षा से लेकर सीख  फिर कुछ नया सीखने आते हैं  इतनी ख़ुशी, इतनी उमंग  खूब उत्साह दिखाते हैं  गिरते हैं - उठते हैं  हम आगे बढ़ते जाते हैं  हम आगे बढ़ते जाते हैं  अब नई कक्षा होगी, नए दोस्त बनाएँगे  कभी साथ खेलेंगे, तो कभी रूठ जाएँगे  कक्षा में चलो रोज़ नए करतब दिखाते हैं  गिरते हैं - उठते हैं  हम आगे बढ़ते जाते हैं  हम आगे बढ़ते जाते हैं  नई-नई किताबें, नई कॉपियाँ भी लाए हैं  हम रोज़ नए-नए प्रयास करने आये हैं  खुद सीखकर हम दोस्तों को भी सिखाते हैं  गिरते हैं - उठते हैं  हम आगे बढ़ते जाते हैं  हम आगे बढ़ते जाते हैं  नए सत्र की शुरुआत में हम सब एक वादा करेंगे  इस बार पिछली बार से पढ़ाई थोड़ी ज़्यादा करेंगे  एक दूसरे की मदद कर सबको साथ चलाते हैं  गिरते हैं - उठते हैं  हम आगे बढ़ते जाते हैं  हम आगे बढ़ते जाते हैं IG- poetry_by_heartt my website twitter linkedin

मेरी गूँज (गुंजन राजपूत)

  मेरी गूँज (उपन्यास/NOVEL) 'मेरी गूँज' एक ऐसा उपन्यास जिसे पढ़ने वाला लगभग हर व्यक्ति अपनी झलक देख सकता है।  For oder fill fill the link below मेरी गूँज (गुंजन राजपूत) Meri goonj written by Gunjan Rajput

अलंकार

 अलंकार की परिभाषा  अलंकार का शाब्दिक अर्थ होता है- आभूषण। जिस प्रकार किसी व्यक्ति की शोभा उसके धारण किए हुए आभूषणों से होती है उसी प्रकार किसी भी काव्य की शोभा काव्य द्वारा धारण किए हुए आभूषणों से होती है।  अर्थात् इसे दूसरे शब्दों में ऐसे समझ सकते हैं कि भाषा में पदों की तथा अर्थों की सुंदरता बढ़ाने वाले साधन को अलंकार कहते हैं। अथवा शब्दों अथवा अर्थों को अलंकृत करने वाली वस्तु अलंकार कहलाती है।  अलंकार के भेद  अलंकार के दो भेद होते हैं - (i) शब्दालंकार  (ii) अर्थालंकार  किंतु कुछ व्याकरण वेत्ताओं ने अलंकार  के तीन भेद माने हैं- (i) शब्दालंकार  (ii) अर्थालंकार  (iii) उभयालंकार शब्दालंकार - जिस अलंकार से शब्दों के माध्यम से काव्य पदों का सौंदर्य उत्पन्न होता है अथवा काव्य को पढ़ने तथा सुनने में चमत्कार होता है उसे शब्दालंकार कहते हैं। शब्दालंकार की पहचान करने में काव्य के अर्थ का महत्त्व नहीं होता।  शब्दालंकार के भेद-  शब्दालंकार के मुख्य रूप से 3 भेद होते हैं-  (i) अनुप्रास अलंकार  (ii) यमक अलंकार  (iii) श्लेष ...

Class 6 Hindi Bal Ramayan very short question answer (बाल रामायण संबंधी अतिलघु प्रश्न)

कक्षा 6 हिंदी बाल रामायण के अतिलघु प्रश्न  रामायण के रचयिता कौन हैं? ➝ महर्षि वाल्मीकि रामायण में कितने कांड हैं? ➝ सात राम के पिता का नाम क्या था? ➝ राजा दशरथ राम की माता कौन थीं? ➝ माता कौशल्या भरत की माता का नाम क्या था? ➝ माता कैकेयी श्रीराम के कितने भाई थे? ➝ तीन (लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न) राम के गुरु कौन थे? ➝ महर्षि वशिष्ठ और महर्षि विश्वामित्र श्रीराम का जन्म किस नगर में हुआ था? ➝ अयोध्या जनकपुर की राजकुमारी कौन थीं? ➝ सीता सीता का विवाह किससे हुआ था? ➝ श्रीराम से कैकेयी ने राजा दशरथ से कौन-से दो वरदान मांगे? ➝ राम का वनवास और भरत का राजतिलक राम को वनवास कितने वर्षों का मिला था? ➝ 14 वर्ष राम, लक्ष्मण और सीता कहाँ वनवास गए थे? ➝ दंडकारण्य वन सीता का हरण किसने किया था? ➝ रावण ने हनुमानजी ने सीता माता को कहाँ खोजा था? ➝ लंका में अशोक वाटिका राम सेतु का निर्माण किसने करवाया? ➝ नल-नील ने राम और रावण के बीच युद्ध कितने दिन चला? ➝ दस दिन रावण का वध किसने किया? ➝ श्रीराम ने लंका पर किसका राज्य स्थापित किया गया...

Class IX Sanskrit Shemushi test (कक्षा IX संस्कृत शेमुषी कक्षा परीक्षा)

Class IX Sanskrit Grammar test (कक्षा IX संस्कृत व्याकरण कक्षा परीक्षा) पाठ 1 भारतीवसन्तगीतिः     पाठ 2 स्वर्णकाकः     पाठ 3 गोदोहनम्   पाठ 4 सूक्तिमौक्तिकम्   पाठ 5 भ्रान्तो बालः     पाठ 6 सिकतासेतु :   पाठ 7 जटायो : शौर्यम्   पाठ 8 पर्यावरणम्   पाठ 9 वांगमनःप्राणस्वरूपम्   दिनांक:______                                                                                      पूर्णांक: 25 1- संस्कृत से हिंदी में अनुवाद करें ।                                                             ...

Class VIII Hindi Bharat Ki Khoj Chapter 2 Talaash (NCERT)

 कक्षा VIII हिंदी पाठ २ तलाश (भारत की खोज) पाठ का सारांश  ‘ तलाश ’ पाठ में पं . जवाहरलाल नेहरू जी ने भारत की आत्मा , संस्कृति और उसकी वास्तविक पहचान को खोजने की प्रक्रिया का विश्लेषण प्रस्तुत किया है । यह केवल एक देश की भौगोलिक खोज नहीं है , बल्कि एक ऐसी यात्रा है , जो भारत के जनमानस , उसकी सोच , परंपराओं , संघर्षों और आत्मा को समझने का प्रयास है । नेहरू जी कहते हैं कि वर्षों बीत जाने के बाद भी उनके मन में भारत की छवि सजीव बनी रही , और समय के साथ यह छवि और भी स्पष्ट होती गई ।   नेहरू जी ने अपनी यात्राओं , अध्ययन और अनुभवों के माध्यम से भारत को जानने की कोशिश की । उन्होंने देखा कि भारत की पहचान केवल उसके ऐतिहासिक भवनों , मंदिरों , मस्जिदों या पुरातात्विक स्थलों तक सीमित नहीं है , बल्कि उसकी असली आत्मा उसकी जनता में बसी है । गांवों में रहने वाले किसान , मजदूर , स्त्रियाँ और आम जनमानस की सादगी , सहिष्णुता और संघर्षशीलता ही भारत की असली शक्ति है । ...