बाल रामायण- पात्र परिचय
बाल रामायण के मुख्य पात्रों का परिचय-
1 | भगवान राम | अयोध्या के राजा दशरथ के ज्येष्ठ पुत्र और मर्यादा पुरुषोत्तम। राम सत्य, धर्म और आदर्श के प्रतीक हैं। उन्होंने रावण का वध कर धर्म की स्थापना की। |
2 | सीता | राजा जनक की पुत्री और भगवान राम की पत्नी। वह पवित्रता, त्याग और सहनशीलता का प्रतीक मानी जाती हैं। |
3 | लक्ष्मण | राम के छोटे भाई और उनके अनन्य सेवक। उन्होंने वनवास में राम और सीता के साथ रहकर उनका साथ दिया। |
4 | भरत | दशरथ के दूसरे पुत्र, जो राम को सिंहासन सौंपने के लिए अयोध्या लौटने तक उनके चरणपादुका को सिंहासन पर रखकर राजकाज चलाते हैं। |
5 | शत्रुघ्न | दशरथ के सबसे छोटे पुत्र। वह भरत के साथ रहते हुए राम के आदर्शों का पालन करते हैं। |
6 | हनुमान | रामभक्त वानर, जो राम के प्रति भक्ति और निष्ठा के प्रतीक हैं। उन्होंने सीता की खोज और रावण पर विजय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। |
7 | रावण | लंका का राजा और रामायण का मुख्य खलनायक। उसने सीता का हरण किया, जिससे राम-रावण युद्ध हुआ। |
8 | सुग्रीव | वानरराज, जिनकी राम ने बाली से रक्षा की और जिनकी सेना ने राम को लंका जाने में सहायता की। |
9 | विभीषण | रावण के छोटे भाई, जिन्होंने अधर्म के खिलाफ जाकर राम का साथ दिया और लंका के राजा बने। |
10 | कैकेयी | दशरथ की पत्नी और भरत की माँ, जिन्होंने राम को वनवास भेजने के लिए दो वरदान माँगे, लेकिन बाद में अपनी भूल का पश्चाताप किया। |
ये पात्र रामायण की कथा के प्रमुख स्तंभ हैं, जो हमें धर्म, त्याग, भक्ति और सत्य का संदेश देते हैं।
बालरामायण की कथा का संक्षिप्त सारांश
प्राचीन अयोध्या के राजा दशरथ के चार पुत्र थे—राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न। राम सबसे बड़े और आदर्श पुत्र थे। गुरु विश्वामित्र के साथ राम और लक्ष्मण ने ताड़का और अन्य राक्षसों का वध किया। राम ने जनकपुर में शिव धनुष तोड़कर सीता से विवाह किया।
दशरथ ने राम को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया, लेकिन कैकेयी के वरदान के कारण राम को 14 वर्षों का वनवास भोगना पड़ा। सीता और लक्ष्मण भी उनके साथ वन गए। वनवास के दौरान राक्षसी शूर्पणखा का अपमान हुआ, जिससे रावण ने सीता का हरण किया।
राम ने वानरराज सुग्रीव और हनुमान की सहायता से सीता की खोज की। हनुमान ने लंका जाकर सीता का पता लगाया। राम ने वानरों की सेना के साथ समुद्र पर पुल बनाकर लंका पर चढ़ाई की। भीषण युद्ध के बाद रावण का वध हुआ, और राम ने सीता को मुक्त कराया।
अयोध्या लौटने के बाद राम का राज्याभिषेक हुआ। उन्होंने धर्म, सत्य और न्याय के आदर्शों पर आधारित एक आदर्श राज्य की स्थापना की, जिसे "रामराज्य" कहा गया।
बालरामायण बच्चों को यह सिखाती है कि हमें सत्य, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलना चाहिए। यह पुस्तक भगवान राम के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश देती है।

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